मणुयादो णेरइया णेरइयादो असंख-गुण-गुणिया
सव्वे हवंति देवा पत्तेय-वणप्फ दी तत्तो ॥153॥
अन्वयार्थ : [मणुयादो णरइया] मनुष्यों से नारकी [असंखगुणगणिया हवंति] असंख्यात गणे हैं [णेरइयादो सव्वे देवा] नारकियों से सब देव असंख्यात गुणे हैं [तचो पत्तेयवणप्फदी] देवों से प्रत्येक वनस्पति जीव असंख्यात गुणे हैं ।

  छाबडा