
लोय-पमाणो जीवो देह-पमाणो वि अच्छदे खेत्ते
उग्गाहण -सत्तीदो संहरण-विसप्प-धम्मादो ॥176॥
अन्वयार्थ : [जीवो] जीव [संहारणविसप्पधम्मादो] संकोच, विस्तार, धर्म तथा [ओगाहणसत्तीदो] अवगाहना की शक्ति होने से [लोयपमाणो] लोकप्रमाण है [देहपमाणो वि अस्थिदे खेते] और देह प्रमाण भी है ।
छाबडा