+ जीव के भेद -
जीवा हवंति तिविहा बहिरप्पा तह य अंतरप्पा य
परमप्पा वि य दुविहा अरहंता तह य सिद्धा य ॥192॥
अन्वयार्थ : [जीवा बहिरप्पा तहय अन्तरप्पा य परमप्पा तिविहा हवंति] जीव बहिरात्मा, अन्तरात्मा तथा परमात्मा इस तरह तीन प्रकार के होते हैं [परमप्पा वि य दुविहा अरहता तह य सिद्धा य] और परमात्मा भी अरहन्त तथा सिद्ध इस तरह दो प्रकार के होते हैं ।

  छाबडा