सव्वो लोयायासो पुग्गल-दव्वेहि सव्वदो भरिदो
सुहुमेहि बायरेहि य णाणा-विह-सत्ति-जुत्तेहिं ॥206॥
अन्वयार्थ : [सव्वो लोयायासो] सब लोकाकाश [णाणाविहसत्तिजरोहिं] नाना प्रकार की शक्तिवाले [सुहमेहिं बायरेहिं य] सूक्ष्म और बादर [पुग्गलदव्वेहिं सव्वदो भरिदो] पुद्गलद्रव्यों से सब जगह भरा हुआ है ।

  छाबडा