+ द्रव्य और पर्याय का स्वरूप -
अण्णइ-रूवं दव्वं विसेस-रूवो हवेइ पज्जावो
दव्वं पि विसेसेण हि उप्पज्जदि णस्सदे सददं ॥240॥
अन्वयार्थ : [अण्णइरूवं दव्वं] जीवादिक वस्तु अन्वयरूप से द्रव्य है [विसेसरूवो पज्जाओ हवे] वह ही विशेषरूप से पर्याय है [विसेसेण हि दव्यं पि सददं उप्पजदि णस्सदे] और विशेषरूप से द्रव्य भी निरन्तर उत्पन्न व नष्ट होता है ।

  छाबडा