
पुव्वण्हे मज्झण्हे अवरण्हे तिहि वि णालिया छक्को
सामाइयस्स कालो सविणय-णिस्सेस-णिद्दिट्ठो ॥354॥
अन्वयार्थ : [पुव्वण्हो मज्झण्हे] सबेरे, दोपहर [अवरण्हे तिहि वि णालिया छक्को] और शाम को इन तीनों कालों में छह-छह घड़ी का काल [सामाइयस्स कालो] सामायिक का काल है [सविणयणिस्सेसणिदिट्ठो] यह विनय सहित गणधरदेवों ने कहा है ।
छाबडा