जो ण य भक्खेदि सयं तस्स ण अण्णस्स जुज्जदे दाउं
भुत्तस्स भोजिदस्स हि णत्थि विसेसो जदो को वि ॥380॥
अन्वयार्थ : [जो सयं ण य भक्खेदि] जिस वस्तु को आप नहीं खाता है [तस्स अण्णस्स दाउण जुज्जदे] उसको अन्य को देना योग्य नहीं है [भुत्तस्स भोजिदस्सहि] क्योंकि खानेवाले और खिलानेवाले में [तदो को वि विसेसो णत्थि] कुछ विशेषता नहीं है ।

  छाबडा