+ बारह प्रकार तप -
बारसभेओ भणिओ, णिज्‍जरहेउ तवो समासेण ।
तस्‍स पयारा एदे, भणिज्‍जमाणा मुणेयव्‍वा ॥436॥
अन्वयार्थ : [णिज्‍जरहेउ तवो बारसभेओ समासेण भणिओ] कर्म निर्जरा का कारण तप बारह प्रकार का संक्षेप से जिनागम में कहा गया है [तस्‍स पयारा एदे भणिज्‍जमाणा मुणेयव्‍वा] उसके भेद जो अब कहेंगे सो जानना चाहिये ।

  छाबडा