+ नवधा भक्ति -
संग्रहमुच्चस्थानं पादोदकमर्चनं प्रणामं च ।
वाक्कायमन: शुद्धिरेषणशुद्धिश्च विधिमाहु: ॥168॥
प्रतिग्रहण उच्चस्थान, पादप्रक्षाल पूजन नमन मन ।
वच तन रु भोजन शुद्धि, नवधा भक्ति विधि जानो नियत ॥१६८॥
अन्वयार्थ : [च] और [संग्रहम्] प्रतिग्रहण [उच्चस्थानं] ऊँचा आसन देना [पादोदकं] चरण धोना [अर्चनं] पूजा करना [प्रणामं] नमस्कार करना [वाक्कायमन: शुद्धि:] मनशुद्धि, वचनशुद्धि और कायशुद्धि रखना [च] और [एषणशुद्धि:] भोजन शुद्धि-इस प्रकार आचार्यों ने [विधिम्] नवधाभक्तिरूप विधि [आहु:] कही है ।
Meaning : The inanner is said to be, respectful welcome, high seat, washing the feet, worship, bowing, purity of thought, speech, and body, and purity of food.

  टोडरमल