
छेदनताडनबन्धा भारस्यारोपणं समधिकस्य ।
पानान्नयोश्च रोध: पञ्चाहिंसाव्रतस्येति ॥183॥
छेदन प्रताड़न बाँधना, अत्यधिक बोझा लादना ।
हैं अन्न पान निरोध करना, तज तभी शुध अहिंसा ॥१८३॥
अन्वयार्थ : [अहिंसाव्रतस्य] अहिंसाव्रत के [छेदनताडनबन्धा:] छेदना, ताडन करना, बाँधना, [समधिकस्य] बहुत अधिक [भारस्य] बोझ का [आरोपणं] लादना [च] और [पानान्नयौ:] अन्न-जल का [रोध:] रोकना अर्थात् न देना [इति] इस प्रकार [पञ्च] पाँच अतिचार हैं ।
Meaning : Mutilating, beating, tying up, overloading, withholding food or drink, are 5 transgressions of the vow of Ahimsa.
टोडरमल