+ वह आचाम्ल क्या है? वही कहते हैं- -
छठ्ठट्ठमदसमदुबालसेहिं भत्तेहिं अदिविकट्ठेहिं ।
मिदलहुगं आहारं करेदि आयंबिल बहुसो॥256॥
उभय2 तीन या चार पाँच दिन के उपवास करे पश्चात् ।
सीमित अरु लघु भोजन करना कहलाता है यह आचाम्ल॥256॥
अन्वयार्थ : अर्थ जाना है अर्थ/पदार्थ को जिनने ऐसे भगवान हैं, उनने ऐसा कहा है - वेला (दो), तेला (तीन), चोला (चार), पंच उपवासरूप भोजन के त्याग पूर्वक पारणा के दिन प्रामाणिक अल्प आहार करना, वह आचाम्ल है । वह अनेक प्रकार से करते हैं ।

  सदासुखदासजी