
उक्कस्स एण भत्तपइण्णाकालो जिणेहिं णिदिट्ठो ।
कालम्मि संपहुत्ते बारसवरिसाणि पुण्णाणि॥257॥
यदि आयु का काल अधिक हो तो कहते हैं श्री जिनराज ।
प्रत्याख्यान-भक्त का जानो समय अधिकतम बारह वर्ष॥257॥
अन्वयार्थ : भक्त-प्रत्याख्यान के उत्कृष्ट काल का प्रमाण अधिक समय हो तो पूरे बारह वर्ष का है - ऐसा जिनेन्द्र भगवान ने कहा है ।
सदासुखदासजी