
सव्वे वि य संबंधा पत्ता सव्वेण सव्वजीवेहिं ।
तो भारंतो जीवो संबंधी चेव मारेइ॥799॥
सबके साथ सभी जीवों के पूर्व भवों में थे सम्बन्ध ।
उन्हें मारनेवाला मारे उनको जिनसे था सम्बन्ध॥799॥
अन्वयार्थ : जगत में सभी जीव हैं । वे सभी जीवों के साथ सर्व संबंधों को प्राप्त हुए हैं, इसलिए अन्य जीवों को मारने वाला जो जीव, वह अपने सभी संबंधियों को ही मारता है ।
सदासुखदासजी