परलोगम्मि वि दोस्सा ते चेव हवंति अलियवादिस्स ।
मोसादीए दोसे जत्तेण वि परिहरंतस्स॥856॥
झूठ बोलने वाले को परभव में भी होते सब दोष ।
यत्न सहित परित्याग करे यद्यपि चोरी आदिक सब दोष॥856॥
अन्वयार्थ : मोस/चोरी इत्यादि दोषों का यत्नपूर्वक परिहार/त्याग करनेवाले असत्यवादी के पूर्व में जो दोष कहे, वे परलोक में भी प्राप्त होते हैं ।

  सदासुखदासजी