
महिला विग्घो धम्मस्स होदि परिहो य मोक्खमग्गस्स ।
दुक्खाण य उप्पत्ती महिला सुक्खाण य विवत्ती॥991॥
विघ्नरूप है धर्म-मार्ग में मुक्ति-मार्ग में साँकल है ।
दुःखों का उत्पत्ति स्थल है सुख के लिए विपत्ति है॥991॥
अन्वयार्थ : स्त्री धर्म में विघ्नकारी है और मोक्षमार्ग की अरगला है, दुह्नखों की उत्पत्तिभूमि है, सौख्यों को नाश करने को विपत्ति है ।
सदासुखदासजी