वुड्ढो वि तरुणसीलो होइ णारो तरसंसिओ अचिला ।
वीसंभणिव्विसंको समोहणिज्जो य पयडीए॥1084॥
वृद्ध पुरुष हैं मोह युक्त विश्वास और निर्भयता से ।
वे भी हो जाते हैं जल्दी तरुणों-से स्वभाव वाले॥1084॥
अन्वयार्थ : तरुण पुरुषों की संगति से वृद्ध पुरुष भी शीघ्र ही विश्वास करके, निर्विशंकता तथा स्वभाव से ही मोहसहित वर्तन करके तरुण पुरुष के समान अधम स्वभाव, हास्य, कौतुक, काम, कोपादि रूप स्वभाव वाला हो जाता है ।

  सदासुखदासजी