+ संबंधी बडप्पन का अभिमान करना, वह गारव है । जिस समय राग, लोभ, मोह, संज्ञा, गारव - -
चेलादिसव्वसंगच्चाओ पढमो हु होदि ठिदिकप्पो ।
इहपरलोइयदोसे सव्वे आवहदि संगो हु॥1129॥
दश स्थिति कल्पों में पहला कल्प अचेतन-परिग्रह त्याग ।
इस भव एवं पर-भव में सब दोष परिग्रह से ही जान॥1129॥
अन्वयार्थ : अत: वस्त्रादि सर्व संग का परित्याग वह प्रथम स्थितिकल्प है; क्योंकि इस लोक में और पर लोक में सर्व दोषों को परिग्रह ही धारण करता है ।

  सदासुखदासजी