गंथणिमित्तमदीदिय गुहाओ भीमाओ तह य अडवीओ ।
गंथणिमित्तं कम्मं कुणइ अकादव्वयंपि णरो॥1145॥
परिग्रह हेतु भयानक वन में तथा गुफा में करे प्रवेश ।
इसप्रकार नहिं करने लायक कार्य परिग्रह हेतु करे॥1145॥
अन्वयार्थ : ग्रन्थ/परिग्रह के निमित्त भयानक गुफा में प्रवेश करता है, भयानक वनों में प्रवेश करता है तथा परिग्रह के लिये यह नर नहीं करने योग्य कार्य भी कर लेता है ।

  सदासुखदासजी