+ आगे कायगुप्ति कहते हैं- -
कायकिरियाणियत्ती काउस्सगो सरीरगे गुत्ती ।
हिंसादिणियत्ती वा सरीरगुत्ती हवदि दिट्ठा॥1196॥
काय-क्रिया से निवृत्ति अरु कायोत्सर्ग काय गुप्ति ।
हिंसादिक पापों से निवृत्ति भी कहें काय गुप्ति॥1196॥
अन्वयार्थ : देह की हलन-चलनादि क्रिया से निवृत्त होना कायगुप्ति है अथवा काय की ममता त्यागकर कायोत्सर्ग करना कायगुप्ति है अथवा हिंसादि से निवृत्ति होना कायगुप्ति है ।

  सदासुखदासजी