पं-सदासुखदासजी
वदभंडभरिदमारुहिद साधुसत्थेण पत्थिदो समयं ।
णिव्वाणभंडहेदु सिद्धपुरी साधुवाणियओ॥1297॥
दीक्षा वाहन, समिति बैल अरु तीन गुप्ति दृढ़ चक्र अहो ।
निशि भोजन व्रत दण्डदीर्घ समकित चक्षु अरु ज्ञान धुरी॥1297॥
सदासुखदासजी