साकेदपुरे सीमंधरस्स पुत्तो मिगद्धवो णाम ।
भद्दयमहिसणिमित्तं जुवराजो केवली जादो॥1399॥
साकदििुरि सीमंधरस्स िुत्ताि ेमगद्धवाि णाम ।
भद्दयमपहसेणेमत्तं जुवराजाि कविली जादाि॥1399॥
अन्वयार्थ : साकेतपुर में सीमन्धर का पुत्र मृगध्वज नाम का युवराज भद्रमहिषी के निमित्त से केवली हो गया । इनकी कथा ग्रन्थान्तर से जानना ।

  सदासुखदासजी