
एस उवावो कम्मसवदार णिरोहणो हवे सव्वो ।
पोराणयस्स कम्मस्स पुणो तवसा खओ होइ॥1458॥
आस्रव द्वार निरोध हेतु ही अब तक सभी उपाय कहे ।
पूर्वबद्ध कमाब का क्षय तो तप द्वारा ही होता है॥1458॥
अन्वयार्थ : जितना पूर्व में वर्णन किया, वह सभी उपाय कर्म आस्रव रोकने का है । पूर्व में बाँधे जो कर्म, उनका क्षय तप के द्वारा होता है ।
सदासुखदासजी