पं-सदासुखदासजी
ताडणतासणबंधणवाहणलंछणविहेडणं दमणं ।
कण्णच्छेदणणासावेहणणिल्लंछणं चेव॥1591॥
ताड़न त्रासन बन्धन वाहन लांछन और दमन करना ।
कर्ण नासिका छेदन भेदन और लिंग विरहित करना॥1591॥
सदासुखदासजी