+ पश्चात् क्या करना, यह कहते हैं - -
तेण परं संठाविय संथारगदं च तत्थ बंधित्ता ।
उठ्ठेंतरक्खणट्ठं गामं तत्तो सिरं किच्चा॥1987॥
उसका शव शिविका में रखकर संस्तर के संग में बाँधें ।
ताकि गिरे नहिं, ग्राम दिशा में सिर रखकर फिर ले जायें॥1987॥

  सदासुखदासजी