
जत्तो दिसाए गामो तत्तो सीसं करत्तिु सोवधियं ।
उट्ठतेंरक्खणट्ठं वोसरि दव्वं सरीरं तं॥1993॥
ग्राम दिशा में सिर करके शव के संग में पीछी रख दें ।
शव के उठने के भय से सिर ग्राम दिशा की ओर करें॥1993॥
अन्वयार्थ : जिस दिशा में ग्राम हो, उस दिशा की तरफ क्षपक का मस्तक करके पिच्छिका सहित शरीर का स्थापन करें । मृतक का व्यंतरादि के द्वारा उठने की रक्षा के लिये ग्राम की ओर मस्तक करके उपकरण समीप में रखे ।
सदासुखदासजी