गणरक्खत्थं तह्मा तणमयपडिविंबयं खु कादूण ।2
एक्कं तु समे खेत्ते दिवढ्ढखेत्ते दुवे देज्ज॥1997॥
अतः संघ रक्षार्थ मृतक के संग रखें तृण का पुतला ।
मध्यम में तो एक और उत्तम में दो पुतले रखना॥1997॥
अन्वयार्थ : इसलिए गणरक्षा के लिये मध्यम नक्षत्र में तृणमय एक प्रतिबिम्ब (एक पुतला) वहाँ निकट में रखना योग्य है और उत्तम नक्षत्र में तृणमय दो मुष्टि रखें ।

  सदासुखदासजी