+ अब पंडितमरण का दूसरा भेद अविचारभक्तप्रत्याख्यानमरण का उन्नीस गाथाओं में वर्णन करते हैं । उनमें से तीन गाथाओं में अविचारभक्तप्रत्याख्यानमरण का सामान्य भेद का वर्णन करते हैं - -
सविचारभक्तवोसरणमेवमुववण्णिदं सवित्थारं ।
अविचारभक्तपच्चक्खाणं एत्तो परं वुच्छं॥2017॥
सविचार भक्त प्रत्याख्यान का कर विचार यह किया कथन ।
अविचार भक्त प्रत्याख्यान का अब करते हैं यहाँ कथन॥2017॥
अन्वयार्थ : इसप्रकार सविचारभक्तप्रत्याख्यानमरण का विस्तारसहित वर्णन किया । अब आगे अविचारभक्तप्रत्याख्यानमरण को कहूँगा ।

  सदासुखदासजी