
तत्थ अविचार भत्तपइण्णा मरणम्मि होइ आगाढो ।
अपरक्कम्मस्स मुणिणो कालम्मि असंपुहुत्तम्मि॥2018॥
सहसा मरण उपस्थित हो सविचार भक्त का समय न हो ।
अविचार भक्त प्रत्याख्यान असमर्थ मुनि स्वीकार करें॥2018॥
अन्वयार्थ : अल्पशक्ति के धारक जो मुनि, उनकी आयु का अब बहुत काल अवशेष नहीं रहा हो और मरण शीघ्र हो जाये, तब अविचारभक्तप्रत्याख्यानमरण का अवसर जानना ।
सदासुखदासजी