
तत्थ पढमं णिरुद्धं णिरुद्धतरयं तहा हवे विदियं ।
तदियं परमणिरुद्धं एदं तिविधं अवीचारं॥2019॥
अविचार भक्त प्रत्याख्यान के तीन भेद हैं, प्रथम निरुद्ध ।
निरुद्धतर है कहा दूसरा तीजा जानो परम निरुद्ध॥2019॥
अन्वयार्थ : इस अविचारभक्तप्रत्याख्यानमरण के तीन प्रकार हैं - प्रथम निरुद्ध, द्वितीय निरुद्धतर, तृतीय परमनिरुद्ध - ऐसे तीन नाम कहे ।
सदासुखदासजी