
बीभत्थभीमदरिसणविगुव्विदा भूदरक्खसपिसाया ।
खोभिज्जो जदि वि तयं तधवि ण सो संभमं कुणइ॥2052॥
भूत पिशाच व्यन्तरों द्वारा महाभयंकर क्रिया कलाप ।
करके उसे डरायें तो भी कभी न वह विचलित होता॥2052॥
अन्वयार्थ : यद्यपि भयानक है देखना जिनका, महाभयंकर अनेक विक्रिया करते हुए भूतराक्षस- पिशाच क्षपक को क्षोभ कराना चाहें - चलायमान करना चाहें तो भी संभ्रम-भय को प्राप्त नहीं होते - डरते नहीं हैं ।
सदासुखदासजी