एवं इंगिणिमरणं वाससमासेण वण्णिदं विधिणा ।
पाओगमणणिमित्तो समासदो चेव वण्णेसिं॥2069॥
संक्षेप और विस्तार पूर्वक किया इंगिनीमरण कथन ।
आगे है प्रायोपगमन मृत्यु का यह संक्षेप कथन॥2069॥
अन्वयार्थ : इस प्रकार इस ग्रन्थ में पंडितमरण के दूसरे भेद इंगिनीमरण का चौंतीस गाथाओं में वर्णन किया ।

  सदासुखदासजी