+ सप्त व्यसन के नाम -
द्यूत-मांस-सुरा-वेश्या,ऽऽखेटचौर्यपराङ्गना: ।
महापापानि सप्तैव, व्यसनानि त्यजेद् बुधः ॥10॥
द्यूत मांस शराब वेश्या, शिकार अरु पर-धन-हरण ।
परनारी, ये व्यसन पाप-महा इन्हें बुधजन तजें॥
अन्वयार्थ : जुआ, मांस, मद्य, वेश्यागमन, शिकार, चोरी तथा परस्त्री-सेवन - ये सप्त व्यसन संसार में प्रबल पापरूप हैं; अत: विद्वानों को इनका सर्वथा त्याग कर देना चाहिए ।