
अणुव्रतानि पञ्चैव, त्रिप्रकारं गुणव्रतम् ।
शिक्षाव्रतानि चत्वारि, द्वादशेति गृहिव्रते ॥24॥
पाँच भेद स्वरूप अणुव्रत, तीन गुणव्रत जानिये ।
चार शिक्षाव्रत कहे - ये बारह व्रत हैं गृही के॥
अन्वयार्थ : पाँच प्रकार के अणुव्रत, तीन प्रकार के गुणव्रत और चार प्रकार के शिक्षाव्रत - ये गृहस्थों के बारह व्रत हैं ।