
पर्वस्वथ यथाशक्ति, भुक्तित्यागादिकं तपः ।
वस्त्रपूतं पिबेत्तोयं, रात्रिभोजनवर्जनम् ॥25॥
छान कर जल पियो एवं, रात्रिभोजन भी तजो ।
यथाशक्ति पर्व में तुम, अनशनादिक तप करो॥
अन्वयार्थ : अष्टमी-चतुर्दशी को शक्ति के अनुसार उपवास आदि तप, छने हुए जल का पान और रात को भोजन का त्याग भी गृहस्थों को अवश्य करना चाहिए ।