+ दान के बिना गृहस्थपना निष्फल -
सत्पात्रेषु यथाशक्ति,-दानं देयं गृहस्थितैः ।
दानहीना भवेत्तेषां, निष्फलैव गृहस्थता ॥31॥
सत्पात्रजन को यथाशक्ति, दान दें धर्मात्मा ।
क्योंकि श्रावकपना उनका, दान बिन निष्फल कहा॥
अन्वयार्थ : धर्मात्मा गृहस्थों को मुनि आदि उत्तम पात्रों को शक्ति के अनुसार दान भी अवश्य देना चाहिए क्योंकि बिना दान के गृहस्थों का गृहस्थपना निष्फल है ।