
आद्योत्तमक्षमा यत्र, यो धर्मो दशभेदभाक् ।
श्रावकैरपि सेव्योऽसौ, यथाशक्ति यथागमम् ॥59॥
उत्तम क्षमादिक धर्म दशविध, जो कहे हैं शास्त्र में ।
शास्त्र एवं शक्ति के, अनुसार श्रावक भी धरें॥
अन्वयार्थ : उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, सत्य, शौच, संयम, तप, त्याग, आकिंचन्य तथा ब्रह्मचर्य - इन दश धर्मों का श्रावकों को शक्त्यनुसार तथा शास्त्रानुसार पालन करना चाहिए ।