+ निश्चय से आत्मा हेयोपादेय के विभाग से रहित -
हेयोपादेयविभाग,-भावनाकथ्यमानमपि तत्त्वम् ।
हेयोपादेयविभाग, -भावना-वर्जित विद्धि ॥43॥
हेय-ग्राह्य सुविभाग भावना,-पूर्वक कहा गया यह तत्त्व ।
हेय-ग्राह्य सुविभाग भावना, रहित जानिए निश्चय तत्त्व॥
अन्वयार्थ : जो तत्त्व, हेय-उपादेय के विभाग की भावना से सहित कहा गया है, वह तत्त्व भी निश्चय से हेय-उपादेय के विभाग की भावना से रहित ही है - ऐसा समझना चाहिए ।