+ आपके वचनों से मेरे जन्म-जन्मान्तरों का नाश -
अपहर मम जन्म दयां, कृत्वैकत्व-वचसि वक्तव्ये ।
तेनाऽतिदग्ध इति मे, देव! बभूव प्रलापित्वम् ॥6॥
एक बात बस यही कहूँ मैं, नष्ट करो मेरा संसार ।
क्योंकि दु:खी मैं जन्म-मरण से, अत: आपसे करूँ प्रलाप॥
अन्वयार्थ : हे प्रभो! सबको मूलभूत एक ही कथन कहना चाहिए । वह एक कथन यह है कि हे प्रभो! कृपा कर आप मेरे जन्म (संसार) को सर्वथा नष्ट करें क्योंकि मैं इस जन्म से अत्यन्त दु:खी हूँ, इसलिए आपके सामने यह मेरा प्रलाप है अर्थात् मैं विलप-विलप कर रो रहा हूँ ।