
ओरालियवेगुव्विय, आहारयतेजणामकम्मुदये।
चउणोकम्मसरीरा, कम्मेव य होदि कम्मइयं॥244॥
अन्वयार्थ : औदारिक वैक्रियिक आहारक तैजस नामकर्म के उदय से होनेवाले चार शरीरों को नोकर्म शरीर कहते हैं और कार्मण शरीर नामकर्म के उदय से होनेवाले ज्ञानावरणादिक आठ कर्मों के समूह को कार्मण शरीर कहते हैं ॥244॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका