
पुह पुह कसायकालो, णिरये अंतोमुहुत्तपरिणामो।
लोहादी संखगुणो, देवेसु य कोहपहुदीदो॥296॥
अन्वयार्थ : नरक में नारकियों के लोभादि कषाय का काल सामान्य से अन्तर्मुहूर्त मात्र होने पर भी पूर्व-पूर्व की अपेक्षा उत्तरोत्तर कषाय का काल पृथक्-पृथक् संख्यातगुणा-संख्यातगुणा है और देवों में उत्तरोत्तर का संख्यातगुणा-संख्यातगुणा काल है॥296॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका