
संखज्जपमे वासे, दीवसमुद्दा हवंति संखेज्जा।
वासम्मि असंखेज्जे, दीवसमुद्दा असंखेज्जा॥407॥
अन्वयार्थ : बारहवें काण्डक में संख्यात वर्षप्रमाण काल और संख्यात द्वीप-समुद्रप्रमाण क्षेत्र है। इसके आगे तेरहवें से लेकर उन्नीसवें काण्डक पर्यन्त असंख्यात वर्षप्रमाण काल और असंख्यात द्वीप-समुद्र प्रमाण क्षेत्र है ॥407॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका