उक्कस्सं खेत्तं पुण, लोगो संपुण्णओ होदि॥410॥
अन्वयार्थ : कार्मणवर्गणा में एकबार ध्रुवहार का भाग देने से जो लब्ध आवे उतना देशावधि के उत्कृष्ट द्रव्य का प्रमाण है तथा संपूर्ण लोक उत्कृष्ट क्षेत्र का प्रमाण है ॥410॥

  जीवतत्त्वप्रदीपिका