सत्तसहस्सा णवसय, णवलक्खा तीहिं परिहीणा॥480॥
अन्वयार्थ : प्रमत्तादि चार गुणस्थानवर्ती जीवों का जितना प्रमाण (89099103), है उतने सामायिक संयमी और उतने ही छेदोपस्थापना संयमी होते हैं। परिहारविशुद्धि संयमवाले तीन कम सात हजार (6997), सूक्ष्मसांपराय संयम वाले तीन कम नौ सौ (897), यथाख्यात संयम वाले तीन कम नौ लाख (899997) होते हैं॥480॥

  जीवतत्त्वप्रदीपिका