जोइसियादो अहिया, तिरिक्खसण्णिस्स संखभागो दु।
सूइस्स अंगुलस्स य, असंखभागं तु तेउतियं॥540॥
अन्वयार्थ : ज्योतिषी देवों के प्रमाण से कुछ अधिक तेजोलेश्यावाले जीव हैं और समस्त तेजोलेश्यावाले जीवों से ही संख्यातगुणे कम नहीं अपितु तेजोलेश्यावाले संज्ञी तिर्यंच जीवों के प्रमाण से भी संख्यातगुणे कम पद्मलेश्यावाले जीव हैं और सूच्यमुल के असंख्यातवें भागप्रमाण मात्र शुक्ललेश्यावाले जीव हैं ॥540॥

  जीवतत्त्वप्रदीपिका