मरदि असंखेज्जदिमं, तस्सासंखा य विग्गहे होंति।
तस्सासंखं दूरे उववादे तस्स खु असंखं॥544॥
अन्वयार्थ : पीत-पद्म लेश्यावाले कुल देवों का असं. भाग प्रतिसमय मरता है। मरने वाले देवों में असं. का भाग देने पर बहुभाग प्रमाण विग्रहगतिवाले जीवों का प्रमाण होता है। उसमें असंख्यातका भाग देने पर बहुभाग प्रमाण मारणांतिक समुद्घात करने वाले जीवों का प्रमाण होता है। उसके भी असंख्यातवें भाग प्रमाण दूर मारणांतिक करने वाले जीव होते हैं। इसके भी असंख्यातवें भाग प्रमाण उपपाद जीव हैं ॥544॥

  जीवतत्त्वप्रदीपिका