
अज्जीवेसु य रूवी, पुग्गलदव्वाणि धम्म इदरो वि।
आगासं कालो वि य, चत्तारि अरूविणो होंति॥564॥
अन्वयार्थ : अजीव द्रव्य के पाँच भेद हैं, पुद्गल, धर्म, अधर्म, आकाश, काल। इनमें एक पुद्गल द्रव्य रूपी है और शेष धर्म, अधर्म, आकाश, काल ये चार द्रव्य अरूपी हैं ॥564॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका