
समओ हु वट्टमाणो, जीवादो सव्वपुग्गलादो वि।
भावी अणंतगुणिदो, इदि ववहारो हवे कालो॥579॥
अन्वयार्थ : वर्तमान काल का प्रमाण एक समय है। संपूर्ण जीवराशि तथा समस्त पुद्गलद्रव्यराशि से भी अनंतगुणा भविष्यत् काल का प्रमाण है। इसप्रकार व्यवहार काल के तीन भेद होते हैं ॥579॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका