एवं गुणसंजुत्ता, परमाणू आदिवग्गणम्मि ठिया।
जोग्गदुगाणं बंधे, दोण्हं बंधो हवे णियमा॥611॥
अन्वयार्थ : इसप्रकार के स्निग्ध और रूक्षगुणों से संयुक्त परमाणु अणुवर्गणा में विद्यमान हैैं। उनमें से योग्य दो परमाणुओं के बंधस्थान को प्राप्‍त होने पर उन्हीं दो का बंध होता है ॥611॥

  जीवतत्त्वप्रदीपिका