
तिरधियसयणवणउदी, छण्णउदी अप्पमत्त वे कोडी।
पंचेव य तेणउदी, णवट्ठविसयच्छउत्तरं पमदे॥625॥
अन्वयार्थ : प्रमत्त गुणस्थानवाले जीवों का प्रमाण पाँच करोड़ तिरानवे लाख अठानवे हजार दो सौ छह हैं। अप्रमत्त गुणस्थानवाले जीवों का प्रमाण दो करोड़ छ्यानवे लाख निन्यानवे हजार एक सौ तीन है ॥625॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका