
वेयणकसायवेगुव्वियो य मरणंतियो समुग्घादो।
तेजाहारो छट्ठो, सत्तमओ केवलीणं तु॥667॥
अन्वयार्थ : समुद्घात के सात भेद हैं - वेदना, कषाय, वैक्रियिक, मारणांतिक, तैजस, आहारक, केवल। इनका स्वरूप लेश्यामार्गणा के क्षेत्राधिकार में कहा जा चुका है, इसलिये यहाँ नहीं कहा है॥667॥
जीवतत्त्वप्रदीपिका